1 सप्ताह में गर्भवती होने पर आपको कैसे पता चलेगा?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Feb 2023 : 10:37

प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण
गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में जी मिचलाना और उल्टी होना, कई बार पेशाब जाना आदि शामिल हैं। इसके इतर गर्भधारण करने पर महिला को थकान की शिकायत होती है। इसके साथ ही कुछ महिलाओं में सिर दर्द के साथ ही शुरुआत में पैरों में सूजन भी नजर आती है।

ब्‍लीडिंग
इंप्‍लांटेशन ब्‍लीडिंग प्रेगनेंसी के शुरुआती संकेत में से एक है। ये मासिक धर्म की तरह नहीं होता है। इसमें हल्‍की ब्‍लीडिंग होती है जिसमें खून का एक धब्‍बा या गुलाबी स्राव होता है। कुछ घंटों या कुछ दिनों तक स्‍पॉटिंग हो सकती है।

ऐंठन
महिलाओं को हल्‍की ऐंठन भी महसूस हो सकती है। भ्रूण के गर्भाशय की दीवार से जुड़ने पर ऐंठन होती है। महिलाओं को पेट, पेल्विस या कमर के निचले हिस्‍से में ऐंठन महसूस हो सकती है। इसमें खिंचाव, गुदगुदी या खुजली जैसा लग सकता है। कुछ महिलाओं को हल्‍की ऐंठन होती है तो कुछ को कभी कभी असहज महसूस होता है।

कमर दर्द और ब्‍लोटिंग
यूट्राइन लाइनिंग रिलीज होने पर गर्भाशय में खिंचाव आता है जिसकी वजह से कमर और पेट में दर्द होने लगता है। हार्मोंस में उतार चढाव के कारण पेट फूलने की शिकायत भी हो सकती है। इसके लिए इस सप्‍ताह में आपको पीरियड की तरह ही मूड स्विंग्‍स भी परेशान कर सकते हैं।

सिरदर्द
कई महिलाओं को मेंस्‍ट्रुअल माइग्रेन होता है जिसका संबंध हार्मोंन से होता है। गर्भावस्‍था के शुरुआती लक्षण मासिक धर्म आने जैसे ही होते हैं इसलिए पहले सप्‍ताह में कई महिलाओं को यह पता ही नहीं चल पाता है कि वो प्रेगनेंट हैं।

प्रेग्नेंसी के वक्त गर्भवती महिला के मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है। ऐसे में उसे भोजन के बजाए सिर्फ खट्टी चीजों का ही स्वाद सही लगता है।

शरीर में बदलाव: गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में प्रेग्नेंट महिला को ब्रेस्ट में अचानक से भारीपन महसूस होता है। चेहरे पर अचानक से झाइयां नजर आने लगती हैं। यह बदलाव गर्भावस्था के शुरुआती छह महीनों या अंतिम छह महीनों में नजर आते हैं।

बच्‍चे का विकास: प्रेग्‍नेंसी के पहले हफ्ते में निषेचित अंडे में विभाजन हेाता। कोशिकाओं के इस गोले को विज्ञान की भाषा में ब्‍लास्‍टोसाइट कहते हैं।

अल्‍ट्रासाउंड रिपोर्ट: पहले शुरुआती हफ्तों में बच्‍चे की कोई भी अल्‍ट्रासाउंड इमेज नहीं आती।

डायट: पर्याप्‍त मात्रा में पानी पिएं, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालों को अपनी डायट में शामिल करें। विटमिन सी वाले फल जरूर खाएं।

टिप्‍स: स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाएं, नशे वगैरह से दूर रहें। डॉक्‍टर ने जो फोलिक एसिड सप्‍लीमेंट दिया है उसे नियमित रूप से लेती रहें। तनाव से दूर रहें। हल्‍की-फुल्‍की कसरत करें लेकिन ज्‍यादा उछल-कूद से बचें। अभी कहीं यात्रा न करें।

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